हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,ईरान के उप विदेश मंत्री कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रभारी काज़िम ग़रीबाबादी ने कहा है कि ईरान सभी कूटनीतिक प्रक्रियाओं के लिए तैयार है, साथ ही वह अपनी रक्षा करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
अल अरबिया से बातचीत करते हुए ग़रीबाबादी ने बताया कि ईरान, न्यूयॉर्क में पेश किए गए अपने प्रस्ताव को लेकर अमेरिकी पक्ष की टिप्पणियों और विचारों पर अपना जवाब अंतिम रूप दे रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न पक्षों के बीच मध्यस्थता करने वालों के माध्यम से विचार-विमर्श पूरा होने के बाद ईरान अपना अंतिम रुख सामने रखेगा।
गरीबाबादी ने कहा,तेहरान कूटनीति के लिए तैयार है, बशर्ते कि सामने रखी जाने वाली बातें यथार्थवादी हों।उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि, ईरान ने हमेशा कूटनीति का स्वागत किया है और किसी भी पक्ष के साथ बातचीत करने में कभी पीछे नहीं हटा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की बातचीत करने की तैयारी, अपनी रक्षा करने और युद्ध लड़ने की उसकी तैयारी से किसी भी तरह कम नहीं है।
ग़रीबाबादी ने कहा कि बातचीत में लगातार भाग लेते रहना ईरान की राजनीतिक लचीलेपन और कूटनीतिक प्रक्रिया के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि अमेरिका को अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने के लिए वापस लौटना होगा।
ग़रीबाबादी ने ज़ोर देकर कहा कि, ईरान ने अपनी किसी भी प्रतिबद्धता का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (Islamabad Memorandum of Understanding) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रहा है और उसे अपनी ग़लतियों को सुधारने के लिए आवश्यक क़दम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा,जब तक अमेरिकी पक्ष ने अपनी सभी प्रतिबद्धताओं की पूरी तरह अनदेखी की है, तब तक ईरान से और अधिक लचीलापन दिखाने की उम्मीद नहीं की जा सकती। ये बयान ऐसे समय में आए हैं, जब तेहरान क्षेत्र में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक माध्यमों से समाधान तलाशने की कोशिश जारी रखे हुए है। इसके साथ ही, ईरान अपने आत्मरक्षा के संप्रभु अधिकार पर भी जोर दे रहा है।
ईरानी अधिकारी बार-बार यह स्पष्ट करते रहे हैं कि सार्थक प्रगति तभी संभव है, जब दूसरा पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करे और मुद्दों के प्रति यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाए।
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